Tuesday, June 06, 2017

वाह भई वाह


हे भगवान वाह भई वाह
सच बोलू तो लोग नाराज
झूठ बोलू तो वाह भई वाह
मेहनत का कोई फल नही
चापलूसी की वाह भई वाह
जो पास हैं उनसे गिले शिकवे
जो दूर है उनकी वाह भई वाह
पढ़े लिखे करे चाकरी
अनपढ़ राजा वाह भई वाह
शराफत की कद्र नही
नंगों की वाह भई वाह
कमजोर को निचोड़ दिया
कुर्सी की वाह भई वाह
बहू की करें शिकायत
लड़की की वाह भई वाह
पत्नी की कोई औकात नही
महिला मित्र की वाह भई वाह
हे भगवान वाह भई वाह



Post a Comment

बदला

कर्तव्य , निष्ठा , कायदे और सलीके से काम करने वाले औऱ सदा चुस्त और दूसरों की सहायता के लिए तत्पर लालचंद अब निढाल न...